VPN की स्पीड क्यों घटती है और इसे सही तरीक़े से कैसे मापें
VPN एन्क्रिप्शन जोड़ता है और रूट बदल देता है। कुछ स्पीड कम होना सामान्य है, लेकिन बड़ी गिरावट आमतौर पर दूरी, भीड़, कमज़ोर Wi-Fi, MTU, या भ्रामक टेस्ट से आती है।

त्वरित उत्तर
VPN से पहले और बाद में एक ही डिवाइस, एक ही नेटवर्क, एक ही टेस्ट सर्वर, और पास की VPN लोकेशन से मापें। अगर लेटेंसी बढ़ जाए या अपलोड गिर जाए, तो दोबारा इंस्टॉल करने से पहले रूटिंग, Wi-Fi गुणवत्ता, और MTU जाँचें।
सामान्य कारण
स्पीड टेस्ट कई परतों को मिला देते हैं: लोकल Wi-Fi, ISP पाथ, VPN सर्वर, डेस्टिनेशन सर्वर, CPU, और ब्राउज़र का व्यवहार।
एक उपयोगी टेस्ट एक ही परत को अलग करता है और उसे दोहराने लायक़ पर्याप्त संदर्भ रिकॉर्ड करता है।
- लंबे रूट लेटेंसी बढ़ाते हैं और थ्रूपुट कम कर सकते हैं।
- कमज़ोर Wi-Fi को VPN की धीमी गति समझ लिया जा सकता है।
- कुछ नेटवर्क UDP, TLS, या डेटा सेंटर ट्रैफ़िक को सीमित करते हैं।
- MTU की समस्याएँ स्पीड टेस्ट शुरू होने पर भी अटकाव पैदा कर सकती हैं।
मापने की चेकलिस्ट
एक बेसलाइन टेस्ट चलाएँ, VPN कनेक्ट करें, फिर तुरंत दोहराएँ। सुबह के डायरेक्ट टेस्ट की शाम के VPN टेस्ट से तुलना करने से बचें।
अगर मोबाइल डेटा शामिल है, तो सिग्नल लेवल और यह नोट करें कि फ़ोन LTE और 5G के बीच बदला या नहीं।
चेकलिस्ट
- ✓एक ही टेस्ट एंडपॉइंट इस्तेमाल करें
- ✓पहले पास का VPN सर्वर इस्तेमाल करें
- ✓बिना VPN के Wi-Fi गुणवत्ता जाँचें
- ✓लेटेंसी, डाउनलोड, अपलोड, और पैकेट लॉस की तुलना करें
FAQ
क्या VPN सीधे इंटरनेट से तेज़ हो सकता है?
कभी-कभी, अगर VPN का रूट किसी भीड़भाड़ वाले ISP पाथ से बचता है। यह गारंटीशुदा नहीं है और हर नेटवर्क पर अलग से मापना चाहिए।